बहुमुखी प्रतिभा की धनी: जेमिमा रोड्रिग्स—संघर्ष से ऐतिहासिक जीत तक का सफर!

मुंबई के भांडुप में जन्मी जेमिमा रोड्रिग्स

मुंबई के भांडुप में जन्मी जेमिमा रोड्रिग्स भारतीय क्रिकेट की वह चमकती सितारा हैं, जिन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और अटूट दृढ़ संकल्प से कम उम्र में ही इतिहास रच दिया. 18 साल की उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने वाली जेमिमा न सिर्फ एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं, बल्कि नेशनल लेवल की हॉकी प्लेयर भी रह चुकी हैं.

शून्य से शिखर तक: वर्ल्ड कप में जोरदार वापसी

जेमिमा का करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने हमेशा वापसी की कला बखूबी दिखाई है. वर्ल्ड कप की शुरुआत शून्य पर आउट होने के साथ हुई, और लीग स्टेज में उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ बेंच पर भी बैठना पड़ा. मगर जब मौका मिला, तो उन्होंने उसे दोनों हाथों से लपका.

नंबर-3 पर प्रमोट होते ही उन्होंने अपने खेल का अंदाज बदल दिया. न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार अर्धशतक जड़कर उन्होंने टीम में अपनी जगह पक्की की. इसके बाद, ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ऐतिहासिक शतक ठोककर उन्होंने भारतीय टीम को वनडे क्रिकेट में अपना अब तक का सबसे बड़ा स्कोर चेज करने में मदद की, और खिताब जीतने की राह प्रशस्त की.

ऑस्ट्रेलिया के सामने चट्टान सी खड़ीं जेमिमा

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस महत्वपूर्ण मैच में जब स्मृति मंधाना दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट हो गईं, तो सारा दबाव जेमिमा पर आ गया. उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ मिलकर 167 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की. इस दौरान, जेमिमा ने न सिर्फ स्ट्राइक रोटेट करके स्कोर बोर्ड को गतिमान रखा, बल्कि समय-समय पर बेहतरीन बाउंड्री लगाकर रन रेट के दबाव को भी टीम पर हावी नहीं होने दिया.

कप्तान हरमनप्रीत के आउट होने के बाद दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष ने अहम पारियां खेलीं, लेकिन उनके विकेट गिरने से लगा कि मैच भारत के हाथ से फिसल सकता है. मगर एक तरफ जेमिमा रोड्रिग्स चट्टान की तरह डटी रहीं, उन्होंने विरोधी टीम के सामने हार नहीं मानी और भारत को जीत के मुहाने तक ले गईं.

बहुमुखी प्रतिभा का ध्रुव तारा

जेमिमा सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं. बचपन में उन्होंने हॉकी, बास्केटबॉल और फुटबॉल में भी हाथ आजमाया है. क्रिकेट को करियर बनाने का फैसला करने से पहले वह राष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी थीं. महज 13 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई की महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम में जगह बना ली थी, जो उनकी असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है.

कीर्तिमानों की लंबी सूची

  • 2017 में, वह स्मृति मंधाना के बाद घरेलू अंडर-19 वनडे ट्रॉफी में दोहरा शतक (नाबाद 202 रन) बनाने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं.
  • अंडर-19 क्रिकेट में 112.56 के शानदार औसत से 1000 से ज्यादा रन बनाए और अपनी ऑफ स्पिन से 19 विकेट भी लिए.
  • उनके इस शानदार प्रदर्शन के कारण ही उन्हें 2018 की शुरुआत में भारत की वनडे टीम में चुना गया, और उसी साल उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप डेब्यू में भी अर्धशतक जड़ा.

अपने पिता इवान से क्रिकेट के गुर सीखने वाली जेमिमा ने अपने परिवार के त्याग को सही साबित किया, जब बेहतर खेल सुविधाओं के लिए उनका परिवार मुंबई के मध्य भांडुप से पश्चिमी बांद्रा में शिफ्ट हुआ. जेमिमा रोड्रिग्स की कहानी यह सिखाती है कि प्रतिभा, कड़ी मेहनत और सही समय पर सही फैसले लेने की क्षमता आपको सफलता के शून्य से शिखर तक ले जा सकती है.

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